
(संवाददाता वीरेंद्र सिंह)
नई दिल्ली विश्वविद्यालय परिसरों मे रेगिंग पर रोक लगाने को लेकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग(यूजीसी) ने सख्त रूप अपनाया है आयोग ने देशभर के उच्च शिक्षण संस्थाओं को निर्देश जारी करते हुए कहा सीनियर छात्र व्हाट्सएप जैसे अनौपचारिक ग्रुप के माध्यम से जूनियर छात्रों से संपर्कऔर उन्हें परेशान करते तो इन्हें रैगिंग की श्रेणी में माना जाएगा
यूजीसी ने कहा ऐसे मामले को दोषी छात्रों के के खिलाफ अनुशासनमत कार्रवाई की जाएगी निर्देश में स्पष्ट किया है कि कैंप में शारीरिक या मानसिक पढ़ताना ही नहीं बल्कि डिजिटल माध्यम से किया गया उत्पीड़न भी उतना ही गंभीर अपराध माना जाएगा
आयोग ने उदाहरण देते हुए कहा कि छात्रों को बाल कटवाने के लिए मजबूर करना या मौखिक दुर्व्यवहार करना या उन्हें रात भर जागने के लिए विवस करना यह सभी कतृय रैगिंग के अंतर्गत आता है
यूजीसी ने यह भी कहा हर साल नए छात्र सीनियर द्वारा रैगिंग की गई शिकायत मिलती है जिन पर और कड़ा निर्णय जरूरी है आयोग ने संस्थाओं को निर्देशित किया है वह ऐसा व्हाट्सएप ग्रुप निगरानी करें छात्रों को स्पष्ट चेतावनी दें
यूजीसी ने दोहराया कि छात्रों की सुरक्षा सवोर्परि है और इस पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा और संस्थाओं को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया सभी छात्र खासकर नव प्राइवेसी एक सुरक्षित सकारात्मक शैज्ञणिक वातावरण में शिक्षा प्रदान कर सके
