
मेरठ में ही रासिख की MMRS टेक्सटाइल नाम से फर्म है। 8 दिसंबर को कारोबारी अपनी दुकान से घर जा रहा था। रास्ते में दोनों दरोगा मिले और अपनी कार में जबरन बैठाकर हापुड़ ले गए।
दोनों दरोगा ने कारोबारी को रास्ते भर टार्चर किया। कहा कि तू फंडिंग करता है। तेरे ऊपर रासुका लगाएंगे। अभी 50 लाख की व्यवस्था करो वरना यहीं एनकाउंटर कर देंगे। बाद में कहा कि अभी 20 लाख की व्यवस्था करो।
कारोबारी दोनों के बीच फंसकर बुरी तरह से परेशान हो गया। डर गया। उसने अपने बहनोई को फोन किया और पैसा लेकर आने को कहा। कारोबारी का बहनोई नईम 14 लाख रुपए लेकर मौके पर पहुंचा। बैग दरागाओं को दिया। यह भी कहा कि 6 लाख की व्यवस्था हम जल्द ही कर देंगे। 6 दिन बाद ये 6 लाख रुपए भी दे दिया गया। दरोगाओं ने कहा कि अगर मुंह खोला तो दिल्ली ब्लास्ट में फंसा देंगे।
कारोबारी बहुत दिन चुप रहा। फिर एक दिन हिम्मत दिखाई और एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह से मिला। पूरी घटना बताई। पुलिस के अफसरों ने खेल रचा। दोनों अधिकारियों को भरोसे में लिया और कहा कि अगर पैसा वापस कर दोगे तो कार्रवाई नहीं होगी। इसके बाद दरोगाओं ने 14 लाख कैश दूसरे व्यक्ति से कारोबारी को तक पहुंचा दी। जैसे ही यह पुष्टि हुई, दोनों के खिलाफ 6 फरवरी को FIR हो गया। इसके बाद दोनों फरार हो गए।
ये दोनों गिरफ्तारी से बचने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका लगाने के लिए प्रयागराज पहुंचे थे। पुलिस को इनपुट मिल गया। मेरठ पुलिस ने दोनों को दौड़ाकर पकड़ लिया। दोनों सस्पेंड कर दिए गए हैं। अगले कुछ महीने जेल में रहेंगे।
