रायपुर में सरकारी कार्य में बाधा डालने और तोड़फोड़ की घटना में 4 गिरफ्तार

देहरादून:(जीशान मलिक) रायपुर क्षेत्रान्तर्गत ननूरखेडा स्थित प्रारम्भिक शिक्षा निदेशालय उत्तराखण्ड के निदेशक कार्यालय में एक प्रकरण के सम्बन्ध में विधायक रायपुर उमेश शर्मा काउ व उनके साथ आये अन्य व्यक्तियों द्वारा निदेशक प्रार्थमिक शिक्षा से वार्ता की जा रही थी। इस दौरान हुए विवाद में कुछ व्यक्तियों द्वारा निदेशक कार्यालय में अराजकता फैलाते हुए कार्यालय में रखी कुर्शियों व अन्य सामान को इधर उधर फेंकते हुए तोड फोड की गयी, उक्त घटना में कार्यालय में मौजूद कुछ लोगों को चोटें आई।

घटना के सम्बन्ध में अजय कुमार नौडियाल, निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा उत्तराखण्ड द्वारा थाना रायपुर में दी गयी तहरीर तथा उसमें संलग्न मेडीकल रिपोर्ट के आधार पर मु0अ0सं0 – 80/26 धारा: 121(1) (लोक सेवक के कार्यों में बाधा डाल उसे चोट पहुंचाना)/191(2) (बलवा)/324(3) (सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाना)/351(3) (जान से मारने की धमकी देना)/352 (गाली गलौच कर अपमानित करना) बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया।

साथ ही सम्बन्धित प्रकरण में ही विधायक उमेश शर्मा काउ की सुरक्षा में तैनात कां0 सुशील रमोला द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर मु0अ0सं0- 81/26 धारा: 115 (2) (चोट पंहुचाना)/127 (2)(परिरोध करना)/131(हमला करना) तथा 352 (गाली गलौच कर अपमानित करना) बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया।

उक्त घटना में पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों, प्राप्त साक्ष्यों व वीडियो फुटेजों के आधार पर घटना में शामिल अभियुक्तो की पहचान करते हुए 01 हिस्ट्रीशीटर सहित 04 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्हें मां0 न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।

“गिरफ्तार अभियुक्त…

  1. अरविन्द पुण्डीर उर्फ कल्ली पुत्र स्व० मगन सिंह पुण्डीर निवासी नूनरखेडा, थाना रायपुर, देहरादून
  2. लक्ष्मण नवानी पुत्र स्व० भुवनेश्वर प्रसाद निवासी शिवलोक कालोनी, लाडपुर, थाना रायपुर, देहरादून
  3. राकेश थपलियाल पुत्र स्व० आर०पी० थपलियाल निवासी तपोवन रोड, लाडपुर, थाना रायपुर, देहरादून
  4. अक्षय राणा पुत्र संग्राम सिंह राणा निवासी सौंधोवाली, थाना रायपुर, देहरादून।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई से अराजकता फैलाने वालों को मिला सबक।

इस घटना ने सरकारी कार्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

इस घटना के बाद, स्थानीय लोगों में आक्रोश है और वे मांग कर रहे हैं कि दोषियों को सख्त सजा दी जाए। इस घटना ने एक बार फिर से सरकारी कार्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था की कमी को उजागर किया है।

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