कप्तान साहब को बोला ‘फरार हैं’, पीठ पीछे आरोपी से चल रही थी ‘चैटिंग’! सिपाही सस्पेंड, थानेदार लाइन हाजिर

रामपुर में बवाल के आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई को कप्तान बार-बार फोन कर रहे थे, वहीं थाने का सिपाही आरोपितों के मोबाइल पर चैटिंग-चैटिंग खेल रहा था। कप्तान ने इसकी पुष्टि कराई और सिपाही को निलंबित कर दिया। इसके बावजूद लंबे समय से टिके थानेदार ने सक्रियता नहीं दिखाई और वह भी लाइन हाजिर हो गए। एसपी ने उनके खिलाफ जांच भी शुरू करा दी है।

मामला सैफनी थानाक्षेत्र के गांव बैरुवा का है। 29 मई को पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष हुआ था। इसमें कई लोग घायल हुए। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर घर में घुसकर हमला, मारपीट करने और जानलेवा हमले का मामला दर्ज कराया। दोनों पक्षों से 16 लोग नामजद हुए।

एक पक्ष के अकरम ने आरोप लगाया कि उसके पुत्र शमी के साथ कहासुनी के बाद रिजवान, फैजान, सुभान, उबैद अशरफ, रुख़साद, अकरम, सद्दाम, शमशाद अपने अज्ञात साथियों के साथ लाठी-डंडे व सरिया लेकर घर में घुस आए और हमला कर दिया। पथराव में कई लोग घायल हुए।

वहीं, दूसरे पक्ष के फैजान ने आरोप लगाया कि शमी, अमन, अकरम, मोहम्मद उमर, मोहम्मद आलिम, वसीम लोहे की सरिया, धारदार हथियार और तमंचे लेकर घर में घुस आए तथा रिजवान, सुभान और उबैद पर जानलेवा हमला किया, जिसमें कई लोगों को गंभीर चोटें आईं।

दिनदहाड़े दो पक्षों में खूनी संघर्ष ने पुलिस की चौकसी पर सवाल खड़े कर दिए। एसपी सोमेंद्र मीना ने दोषियों को तत्काल गिरफ्तार करने के आदेश दिए। मगर आदतन मजबूर पुलिस आरोपितों से सेटिंग में लग गई। कार्रवाई का दबाव बनाने पर एसपी को बताया गया कि आरोपित फरार हैं।

तभी एसपी को भनक लगी कि थाने का सिपाही मुनासिफ आरोपितों के संपर्क में है। एसपी ने सर्विलांस के जरिये इसकी पुष्टि भी करा ली। इसके बाद एसपी ने दस दिन पूर्व आरोपित सिपाही को निलंबित कर दिया।

वहीं थानेदार अजय मिश्र को चेतावनी दी थी। इसके बावजूद थानेदार मंगलवार को महज एक आरोपित शुएब को ही गिरफ्तार कर सके। एसपी को उनकी कार्यशैली भी खटक गई। इसी क्रम में बुधवार को हुए तबादलों में थानेदार अजय लाइन हाजिर हो गए हैं। वह लगभग साल भर से थाने में तैनात थे।

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