
पिरान कलियर:(जीशान मलिक)ग्राम रहमतपुर और बेलडा मे मोहर्रम के अवसर पर पूरे गांव में ढोल ताशे के साथ ताजिया जुलूस निकाला गया। ताजिएदार सिर पर छोटी-छोटी ताजिया रखकर और हरे रंग का इस्लामी झंडा लिए नारे तकबीर का नारा लगाते हुए, ताजियों के आगे ढोल ताशा बजाकर कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया।
जिसको देखने के लिए ग्रामीण की भारी भीड़ जमा हो गई। छोटे छोटे बच्चों ने भी लाठी से अपना कर्तव्य दिखाया।
ताजिया बनाकर शहीदे कर्बला की याद को ताजा किया।इस्लाम धर्म के में इतिहास में कर्बला का जंग सत्य और असत्य के लिए लड़ा गया था। मोहर्रम की दसवीं तारीख को हजरत इमाम हुसैन और 72 साथियों ने तीन दिन तक भूखे प्यासे रहकर कर्बला के मैदान में एक लाख यजीदी सेना के सामने लड़ते हुए नमाज पढ़ते हुए शहीद हो गए।
आज पूरे संसार में अकीदत मंद हजरत इमाम हुसैन और शहीदे दन कर्बला की याद में रोजा रखते हैं।कुरानख्वानी कराते हैं। ताजियादार ताजिया बनाकर नारे तकबीर, या हुसैन, या शहीदं कर्बला नारों से सदाएं बुलंद करते हैं।और हजरत इमाम हुसैन के बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लेते हैं।
