
मुजफ्फरनगर के बुढाना में पिछले दिनों नए थानेदार आए.. नाम है सुभाष अत्री. अत्री पिछले थाने से 3 सिपाही साथ लेकर आए हैं.
थाने की भाषा में इसे SOG कहते हैं. DGP के आदेश से थाने में SOG नहीं होनी चाहिए लेकिन SSP की आंखों के नीचे “करीबी थानेदार” यह सुविधा पाते हैं.
SOG की जिम्मेदारी होती है कि थानेदार को हमेशा “Feel Good” का एहसास होता रहे.
इसी इलाके में मोबाइल शॉप करने वाले अनस को थाना की खास पुलिस उठा ले गई. वकौल अनस, उसे फट्टे बजाए गए यानी चमड़े के पट्टे से पीटा गया. ₹5 लाख मांगे गए. वह किसी तरह छूटा तो उसने खुद को आग लगा ली
70% तक जल चुका अनस दिल्ली के अस्पताल में जिंदगी मौत से जूझ रहा है
SSP के आदेश पर SP देहात जांच कर रहे है मगर अभी तक किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है
