
कंट्रोल रूम से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने तत्काल ही पूरे जिले की नाकाबंदी कर तीन आरोपियों को दबोचा लिया, जिसमें एक आरोपी सराफा कारोबारी का जिगरी दोस्त और एक यूपी PAC का जवान निकला, विस्तृत जानकारी 👇
हाथरस जिले के थाना सादाबाद के गांव गोपुरा निवासी योगेश कुमार ने बताया कि वह चार जनवरी को चांदी के कारोबार से मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में गए थे। चांदी की पायल बेचकर वह तीन किलो 282 ग्राम कच्ची चांदी और नकदी लेकर पातालकोट एक्सप्रेस से मथुरा लौट रहे थे। रात ढाई बजे वह रेलवे स्टेशन के गेट नंबर तीन से निकलकर बाहर आटो स्टैंड की ओर बढ़े।
तभी वहां खड़ी नीले रंग की बलेनो के पास दो पुलिस कर्मियों ने उनको रोक लिया। दोनों गाली-गलौच करते हुए उन पर गांजा बेचने का आरोप लगा दिया। उन्होंने बैग खोलकर भी दिखाया, लेकिन उन्होंने चांदी और नकदी रखी बैग छीन लिया। पुलिसकर्मियों ने अपहरण के लिए उनको कार में बैठाने की कोशिश करने लगे। कार की पिछली सीट पर उन्होंने अपने गांव के परिचित रोहित और गोपाल कृष्ण को बैठा देखा।
सराफा व्यापारी ने आरोप लगाया कि रोहित को पहले ही फोन पर बताया गया था कि वह चांदी बेचकर मथुरा लौट रहा है। इसके बाद पूरी साजिश रची गई। व्यापारी के शोर मचाने पर आरोपित चांदी और नकदी लेकर कार में सवार होकर फरार हो गए। सराफा कारोबारी ने यूपी डायल 112 पुलिस को सूचना दी। कोतवाल विनोद बाबूू मिश्र ने नाकाबंदी शुरू कराई।
इसके बाद पुलिस टीम ने माल गोदाम रोड रेलवे लाइन की तरफ कच्चे रास्ते से आरोपित जमुनापार थाना क्षेत्र के गांव गुद्दर निवासी पीएसी कांस्टेबल नरेंद्र सिंह, हाथरस के गांव पचावरी निवासी रोहित और गोपाल कृष्ण को दबोच लिया। इनके कब्जे से दो किलो 452 ग्राम चांदी, 60 हजार रुपये नकद, दो तमंचा, कारतूस व कार बरामद की है।
वहीं वारदात में शामिल पीएसी जवान लक्ष्मीचंद निवासी रामपुर थाना मगोर्रा व उसका एक साथी भागने में कामयाब हो गए। दोनों आरोपित सिपाही आगरा में तैनात थे। एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि सभी आरोपित आपस में दोस्त हैं। आरोपित रोहित पूर्व में व्यापारी के साथ मध्यप्रदेश जा चुका था। इसके चलते उसने वारदात की योजना बनाई थी।
आरोपित दोनों पीएसी जवान 2019 बैच के हैं। दोनों पर विभागीय कार्रवाई के लिए भी आगरा कमांडेंट को लिखा गया है। एसएसपी ने कुछ घंटे में वारदात का राजफाश करने वाली टीम को 25 हजार रुपये देने की घोषणा की। यह भी कहा कि किसी भी वारदात के बाद पुलिस का सराहनीय कार्य इसी तरह से होना चाहिए
