
हरिद्वार:(ज़ीशान मलिक)कांवड़ यात्रा के दौरान भीड़ में अपने माता-पिता से बिछड़े एक 10 वर्षीय मासूम “भोले” को हरिद्वार पुलिस ने सकुशल परिजनों से मिलवाकर एक परिवार की खुशियां लौटा दीं। यह घटना कोतवाली मंगलौर क्षेत्र के पुलिस सहायता केंद्र नहर पुल पर सामने आई, जब एक व्यक्ति एक रोते हुए बालक को पुलिस के हवाले करते हुए बोला कि यह बच्चा अपने परिजनों से बिछुड़ गया है।
पुलिस सहायता केंद्र पर मौजूद अपर उप निरीक्षक नरेंद्र राठी ने तत्परता दिखाते हुए बच्चे को पहले शांत किया, पानी पिलाया और फिर शालीनता से उसका नाम व पता पूछा। बालक ने अपना नाम नैतिक पुत्र बसंत, निवासी बुद्ध विहार, दिल्ली बताया और बताया कि वह अपने माता-पिता के साथ कांवड़ लेने आया था, लेकिन भीड़ में उनसे बिछड़ गया।
इसके बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए पीआरडी जवान सैफूजमा एवं विशेष पुलिस अधिकारी जनेश्वर गिरी को बच्चे के माता-पिता की तलाश में रवाना किया गया। टीम ने नहर पुल मंगलौर से लेकर लिबरहेड़ी तक सघन खोजबीन की, अंततः लिबरहेड़ी शिव मंदिर परिसर में बच्चे के माता-पिता को खोज निकाला गया।
बच्चे को सकुशल देखकर माता-पिता की आंखों से आंसू छलक पड़े और उन्होंने भावुक होकर बेटे को गले से लगा लिया। अपनी खोई हुई खुशी वापस पाकर माता-पिता ने हरिद्वार पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता की दिल से सराहना की।
इस सराहनीय कार्य में निम्न पुलिसकर्मी रहे शामिल:
🔹 अ0उप निरीक्षक नरेंद्र राठी
🔹 पीआरडी जवान सैफूजमा
🔹 SPO जनेश्वर गिरी
