
हरिद्वार/पिरान कलियर:(ज़ीशान मलिक)शादी को सात जन्मों का बंधन मानने वाली एक महिला को अपने अधिकार की आवाज़ उठाना इतना भारी पड़ गया कि उसे मारपीट गालियों और जान से मारने की धमकियों का सामना करना पड़ा। अपने पति की दूसरी शादी का विरोध करने पर महिला को न केवल अपनों ने ही पीटा, बल्कि उसे चुप रहने की धमकी भी दी गई। कलियर थाना पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर पति समेत 7 आरोपियों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
पीड़िता ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उसकी शादी रोशन अली पुत्र रौनक अली निवासी महमूदपुर, हरिद्वार से हुई थी। शादी के बाद वह अपने पति के साथ अलग मकान में रह रही थी और उनके एक बेटा भी है। लेकिन कुछ ही समय बाद पति के व्यवहार में बदलाव आ गया और वह बार-बार दूसरी शादी की धमकी देने लगा।
पीड़िता का आरोप है कि सास और बाकी ससुराल वाले भी इस अन्याय में बराबर के भागीदार बने। एक दिन तो हद ही हो गई, जब महिला को साफ शब्दों में कह दिया गया कि उसके पति की दूसरी शादी तय कर दी गई है और वह इसमें कोई अड़चन न डाले।
महिला ने जब इसका विरोध किया और उत्तराखंड में लागू यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) की बात कही तो उसके साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट की गई। इसके बावजूद महिला ने हार नहीं मानी और महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई। लेकिन उत्पीड़न यहीं नहीं रुका— आयोग की सुनवाई के दिन उसके पति और जेठ ने उसे भरे मंच पर गालियाँ दीं और जान से मारने की धमकी तक दे डाली।
थानाध्यक्ष रविन्द्र कुमार ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर रोशन अली, रौनक अली, मोइना फरहाना, सोना, नजमा और दानिश के खिलाफ संबंधित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की निष्पक्ष जांच जारी है।
पीड़िता ने प्रशासन और समाज से न्याय की गुहार लगाई है। यह मामला महिलाओं के अधिकारों और सम्मान को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है – क्या एक महिला की आवाज़ आज भी इतना असहनीय बोझ बन चुकी है?
