
पिरान कलियर:(ब्यूरो जीशान मलिक) उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक समुदाय के कुछ लोगों पर “I Love Muhammad” का पोस्टर लगाने की वजह से यूपी पुलिस ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस की इस कार्रवाई ने सवाल खड़े कर दिए हैं। समुदाय के लोग पूछ रहे हैं – “क्या पैग़ंबर मोहम्मद से मोहब्बत जताना अपराध है?”
इस घटना के बाद देशभर के मुसलमानों में आक्रोश फैल गया है। बाद नमाजे मगरिब थाना पिरान कलियर क्षेत्र के रहमतपुर गांव में रविवार की शाम गांव की साबरी जमा मस्जिद पर मुस्लिम समाज के लोग इकट्ठा हुए और “I Love Muhammad” के नारो के साथ अपना विरोध प्रदर्शन करने लगे।इस प्रदर्शन में छोटे छोटे बच्चे भी I LOVE MUHMMAD के बैनर अपने हाथों में लेकर निकले। और नारे लगाते रहे।लोगों ने साफ कहा कि हम अपने नबी पाक मुहम्मद रसूल अल्लाह के लिए अपनी जान कुर्बान कर सकते है।लेकिन इस तरह की बातें अब बर्दास्त नहीं की जाएगी।कोई भी आता है वहीं नबी पाक की शान में गुस्ताखियां करता है।और सरकार भी उनके खिलाफ कोई एक्शन नहीं करती सरकार को ऐसे लोगों के खिलाफ तुरंत करवाई करनी चाहिए।
मौलाना अनस साबरी ने इस पूरे प्रकरण पर नाराज़गी जताई है। उन्होंने ने कहा कि ‘आई लव मुहम्मद’ लिखना किसी भी हालत में अपराध नहीं है। यह केवल व्यक्तिगत आस्था और धार्मिक प्रेम की अभिव्यक्ति है. इसे रोकना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(ए) यानी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और अनुच्छेद 25 यानी धार्मिक स्वतंत्रता का खुला उल्लंघन है।
समीर मलिक ने कहा कि पैगंबर मोहम्मद के प्रति प्रेम व्यक्त करना गलत नहीं है और इसे विवाद का रूप देना अनुचित है।उन्होंने प्रशासन से मांग की कि बेगुनाह युवकों पर दर्ज एफआईआर वापस ली जाए, और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली ऐसी कार्रवाई न की जाए।
समाजसेवी जीशान मलिक ने कहा कि यह कार्रवाई मुसलमानों को निशाना बनाने की कोशिश है। उनका कहना है कि अगर नबी-ए-करीम से मोहब्बत जताना जुर्म है, तो वे यह जुर्म जिंदगीभर करते रहेंगे। “जब तक सांस है, हमारा नारा – I Love Muhammad”रहेगा।
सद्दाम मलिक ने कहा कि जिस युवक ने “आई लव मोहम्मद” लिखा, उसका उद्देश्य किसी की भावनाओं को आहत करना नहीं था। बल्कि अपने दिल की मोहब्बत जाहिर करना था। उन्होंने सवाल उठाया कि जब अन्य धर्मों के पूज्य व्यक्तित्वों के प्रति प्रेम व्यक्त करने पर कोई आपत्ति नहीं होती, तो मोहम्मद साहब के प्रति ऐसा करने पर आपत्ति क्यों?
परवेज मलिक ने कहा कानपुर के बर्रा में आई लव मोहम्मद का बोर्ड लगाने वाले मुस्लिम समुदाय के लोगों पर मुकदमा दर्ज करना बेहद अफसोसनाक है। सवाल उठाया कि आई लव मोहम्मद लिखना कब से अपराध हो गया? आखिर पुलिस ने किन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। सरकार मुसलमानों को फर्जी मुकदमों के जरिए डराने की कोशिश कर रही है। सरकार के ऐसा नहीं करना चाहिए।जो उन नौजवानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है उसको वापस लिया जाए।
इस विरोध प्रदर्शन में समाजसेवी जीशान मलिक,समीर,सद्दाम,आमीश, शोएब,सुहैल,शावेज़,आसिफ, साहिल,शादाब,मुकर्रम,साकिब, नदीम,वाजिद,फरीद,आवेश, समीर,इसके साथ ही छोटे छोटे बच्चे एवं सैकड़ों नौजवान मौजूद रहे।
लोग सरकार की मंशा पर उठा रहे हैं सवाल_
वहीं, सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाया है कि देश में मुसलमानों के खिलाफ अपराध की घटनाएं दिन-प्रतिदिन बढ़ रही हैं, लेकिन अपराधी अक्सर कानून की पहुंच से बाहर रहते हैं। इससे लोगों में यह धारणा बन रही है। कि मुसलमान होना ही जैसे अपराध बन गया है. एक सोशल मीडिया यूजर्स ने ‘I love Muhammad’ ट्रेंड पर लिखा, सरकार से सवाल है कि जब अल्पसंख्यकों पर हमला होता है तो कार्रवाई इतनी धीमी क्यों होती है? दोषियों को सजा दिलाने और सभी नागरिकों को समान सुरक्षा देने के लिए ठोस और निष्पक्ष कदम कब उठाए जाएंगे।
