रहमतपुर में स्थित रतमऊ नदी में हो रहा है अवैध खनन ग्रामीणों ने SDM को ज्ञापन सौंपकर की करवाई की मांग

पिरान कलियर:(ब्यूरो जीशान मलिक)पिरान कलियर थाना क्षेत्र के गांव रहमतपुर में रतमऊ नदी में अवैध खनन को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने उप-जिलाधिकारी रूडकी को ज्ञापन सौंपकर खनन पर तत्काल रोक, जांच और दोषियों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों ने बताया कि रतमऊ नदी (सेतु) के पास कुछ प्रभावशाली लोग पोकेलैंड मशीनों और बड़े वाहनों (डंपरों) के ज़रिए अवैध खनन कर रहे हैं। इस अवैध गतिविधि से जहां नदी की धारा और पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है, वहीं गांव की कृषि भूमि भी लगातार क्षतिग्रस्त हो रही है। स्थानीय ग्रामीणों ने यह भी बताया कि उन्होंने इस प्रकरण की शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज कराई है और संबंधित विभाग से RTI के माध्यम से जवाब भी मांगा गया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आखिर यह खनन किसकी अनुमति से किया जा रहा है।

ग्रामीणों ने रुड़की एसडीएम को सौंपा ज्ञापन।जिसमें उन्होंने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

ज्ञापन में कहा गया है कि—
1. रहमतपुर नदी क्षेत्र में तत्काल प्रभाव से सभी खनन गतिविधियों पर रोक लगाई जाए।
2. राजस्व विभाग और वन विभाग की संयुक्त टीम बनाकर मौके का निरीक्षण कराया जाए।
3. खनन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त निगरानी टीम गठित की जाए।
4. यदि किसी को खनन पट्टा या स्वीकृति दी गई है, तो उसकी प्रतिलिपि सार्वजनिक की जाए, अन्यथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
5. भविष्य में ऐसी गतिविधियां न हों, इसके लिए स्थायी निगरानी टीम और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं।

ग्रामीण वसीम ने कहा कि “हमने शिकायतें कीं”वीडियो सबूत दिए, RTI भी डाली — अब जवाबदेही तय होनी चाहिए कि ये खनन आखिर किसकी छात्रछाया में हो रहा है।”

सूत्रों के मुताबिक रतमऊ नदी क्षेत्र श्रेणी-3 पट्टे के अंतर्गत आता है। जहाँ खनन की अनुमति केवल सरकार या अधिकृत विभाग ही दे सकता है। यदि किसी निष्कासित या निजी स्तर पर पट्टे का उपयोग कर खनन हो रहा है।तो यह खनन नियमों और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम का गंभीर उल्लंघन है। ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से इस पूरे मामले की पारदर्शी जांच और आधिकारिक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि अगर प्रशासन जल्द कार्रवाई नहीं करता।तो वे जन आंदोलन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल प्रशासन की चुप्पी से खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *