
पिरान कलियर:(ब्यूरो जीशान मलिक) शुक्रवार को थाना पिरान कलियर में राष्ट्रीय गीत के 150 वीं वर्षगांठ बड़ी धूम धाम से मनाई गई।एक दूसरे को मिठाई बांट कर राष्ट्रीय गीत के 150 वीं वर्षगांठ की बढ़ाई दी।
इस अवसर पर थाना प्रभारी रविंद्र कुमारने कहा पुलिस अधिकारी और“हमारे जवान सियाचिन के ग्लेशियर हो या थार के रेगिस्तान, सीमाओं की रक्षा करते हुए भी ‘वंदे मातरम’ गाते हैं।यह गीत फांसी के फंदे को चूमने वाले क्रांतिकारियों के होंठों पर था। और आज भी हर भारतीय के दिल में राष्ट्रप्रेम जगाता है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि 1875 में बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह गीत बांग्ला और संस्कृत में लिखा गया था।जिसमें जाति, धर्म या मजहब का कोई जिक्र नहीं है। यह सभी वर्गों को एक सूत्र में बांधता है।

“1950 में मिली राष्ट्रगीत की मान्यता…
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह हमे याद दिलाया कि 1950 में ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगीत की मान्यता दी गई थी। यह गीत आजादी की लड़ाई का मंत्र बना और आज भी नई राष्ट्रीयता का भाव पैदा करने में सफल है।उन्होंने कहा, “यह गीत केवल गायन नहीं, बल्कि कर्तव्यबोध का आह्वान है। यह हमें सिखाता है कि राष्ट्र सर्वोपरि है।
